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Showing posts from December, 2020

अहमदाबाद मे भी दिखा चमकदार स्टील जैसी आकृति वाला मोनोलीथ रहस्य बरकरार

  दुनिया के 30 से अधिक शहरों में रहस्य बनी सात फुट लंबी प्रिज्मनुमा आकृति मोनोलिथ (स्तंभ) अब अहमदाबाद शहर में भी देखी गई है। भारत में चमकदार स्टील जैसी यह आकृति पहली बार देखी गई। हालांकि कहा जाता है कि एक निजी कंपनी ने इसे स्थापित किया है लेकिन कंपनी ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। यह आकृति बृहस्पतिवार को अहमदाबाद के सिम्फनी पार्क में नजर आई। थलतेज इलाके में मौजूद पार्क में दिखे मोनोलिथ की ऊंचाई 6 फीट से ज्यादा है। अहमदाबाद नगर निगम और सिम्फनी कंपनी ने मिलकर इस पार्क को बनाया था। लेकिन, यह मोनोलिथ कहां से आया, इसकी जानकारी न तो कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को है, न ही सिम्फनी कंपनी के लोगों को इसके बारे में कुछ पता है। पार्क में काम करने वाले किसी कर्मचारी ने भी आज से पहले इसे नहीं देखा। नगर निगम में बागवानी विभाग के निदेशक जिग्नेश पटेल ने कहा, इस मोनोलिथ को सिम्फनी लिमिटेड ने पार्क में आने वाले लोगों के लिए स्थापित किया है। लोग इसकी चमकीली सतह के परावर्तन को देख सकते हैं और इसके साथ सेल्फी भी ले सकते हैं। इसी तरह की आकृति उटा, अमेरिका में सबसे पहले देखी गई थी और कुछ दिन बाद गायब भी हो गई...

रेलवे की ऑनलाइन टिकट आरक्षण में खत्म होगी बाधा, वेबसाइट अपग्रेड

  रेलवे ने नए साल में ऑनलाइन टिकट बुक करने की परेशानी को खत्म करने का दावा किया है। आईआरसीटीसी वेबसाइट को अपग्रेड कर दिया गया है। जल्द ही इस नई वेबसाइट को रेल मंत्री लॉन्च करेंगे। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि अगले साल जुलाई से दिल्ली-मुंबई व दिल्ली-कोलकाता के बीच सभी ट्रेनें 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। वहीं, मार्च, 2024 तक ये ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी। दिसंबर, 2022 तक उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा। मार्च, 2023 तक पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्य ट्रेन सेवा से जुड़ जाएंगे। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग का 125 किलोमीटर रेल रूट का काम दिसंबर, 2024 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 👉🏻 आत्मनिर्भर भारत के तहत नेशनल ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम से ट्रेनों को 2024 तक लैस कर दिया जाएगा। 250 किलोमीटर पर सफल परीक्षण हो चुका है। 1200 किलोमीटर ट्रैक को भी इस सिस्टम से लैस किया जाएगा। नेशनल रेल प्लान, 2024 के तहत बचे हुए 11,500 किलोमीटर ट्रैक के दोहरीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा है कि रामेश्वरम में तैयार ...

अब आप घर बैठे ऑनलाइन Aadhaar Card में अपना नाम, पता, जन्मतिथि कर सकते हैं अपडेट

  आधार कार्ड (Aadhaar card) महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है. जिसका इस्तेमाल बैंक अकाउंट ओपन करवाने, इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने संबंधित कई अऩ्य चीजों में किया जाता है. अगर आप अपना घर बदल रहे हैं तो आपको एड्रेस अपडेट कराना होता है. लेकिन कई बार उचित दस्तावेज ना होने के चलते आप परेशान हो सकते हैं. लेकिन आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है. अब आप ऑनलाइन माध्यम से ऐसा कर सकते हैं. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार कार्ड (Aadhaar card) धारकों को बिना किसी प्रूफ के भी पता अपडेट कराने की सुविधा मुहैया कराता है कोविड-19 महामारी को देखते हुए UIDAI ने एक प्रमुख अपडेट की घोषणा की है कि लोग अब अपने घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से आधार में अपडेट करवा सकते हैं. इसके लिये आपको आधार केंद्र पर जाने की आवश्यकता नहीं है. UIDAI ने ट्वीट कर लिखा, ''अब आप घर बैठे UIDAI की वेबसाइट पर अपना नाम, पता, जन्मतिथि व लिंग अपडेट करा सकते हैं, https://ssup.uidai.gov.in/ssup/ पर क्लिक करें और घर बैठे आधार अपडेट कराएं.'' https://twitter.com/UIDAI/status/1341245277412331520?s=19

बिहार मे पाँच साल का हर दुसरा बच्चा हो रहा है नाटा समाने आयी ये बड़ी वजह

 बिहार में ‘ देश का भविष्य ’ खतरे में है। पांच साल तक के 41 फीसदी बच्चे गंभीर कुपोषण के दौर से गुजर रहे हैं। इससे न केवल उनकी लंबाई और उनका वजन प्रभावित हो रहा है बल्कि मानसिक विकास तक पर भी बुरा असर पड़ रहा है। लगभग 43 फीसदी बच्चे की उम्र के हिसाब से लंबाई नहीं बढ़ रही है। वे नाटे हो रहे हैं। बच्चों के साथ ही गर्भवती महिलाओं में भी खून की कमी जैसी गंभीर समस्याएं बढ़ती जा रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-वर्ष 2019-20 की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट आने के बाद पोषण के साथ ही सामाजिक विशेषज्ञों ने इसका विश्लेषण शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आंगनबाड़ी में चलने वाली योजनाओं के भरोसे बच्चों को कुपोषण से बाहर नहीं निकाला जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार पटना और नालंदा जैसे विकसित जिलों की स्थिति भी बदतर है। सूबे के 23 फीसदी बच्चों का वजन उनकी उम्र और लंबाई के अनुसार नहीं बढ़ रहा है। वे सामान्य से अधिक पतले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पतलेपन का कुपोषण सबसे अधिक खतरनाक और जानलेवा माना जाता है। चिंताजनक इसलिए भी है कि पिछले चार वर्षों में सूबे के 38 में से 26 जि...